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हर देवता का है अपना एक खास फूल, इससे होते हैं जल्द प्रसन्न

बिना फूल के हिंदू धर्म के धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, आरती आदि कार्य अधूरे...
सनातन धर्म में 33 कोटी देवों की मान्यता है। इनमें से हर देव का अपना खास महत्व है। वहीं हर देव का अलग अस्त्र होने के साथ ही अपना एक निश्चित वाहन भी है। इसी प्रकार हिंदू धर्म में विभिन्न फूलों का विशेष महत्व है और हर देवता का अपना खास फूल भी है।
दरअसल हिंदू धर्म के धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, आरती आदि कार्य बिना फूल के अधूरे ही माने जाते हैं। फूलों के संबंध में शारदा तिलक नामक पुस्तक में कहा गया है-दैवस्य मस्तकं कुर्यात्कुसुमोपहितं सदा।
यानि- देवता का मस्तक सदैव पुष्प से सुशोभित रहना चाहिए।
वैसे तो किसी भी भगवान को कोई भी फूल चढ़ाया जा सकता है, लेकिन कुछ फूल देवताओं को विशेष प्रिय होते हैं। इन फूलों का वर्णन विभिन्न धर्म ग्रंथों में मिलता है।
माना जाता है कि देवताओं को उनकी पसंद के फूल चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं और साधक की हर मनोकामना पूरी कर सकते हैं।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार हर देवता का एक खास फूल है, वहीं यदि किसी देवता को कोई गलत फूल चढ़ा दिया जाता है, तो कई बार देवता नाराज तक हो जाते हैं, ऐसे में हमारा ये जानना अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाता है कि आखिर किस देवता के पूजन में कौन से फूल चढ़ाना चाहिए -
1. प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश-
आचार भूषण ग्रंथ के अनुसार भगवान श्रीगणेश को तुलसीदल को छोड़कर सभी प्रकार के फूल चढाएं जा सकते हैं। पद्मपुराण आचाररत्न में भी लिखा है कि 'न तुलस्या गणाधिपम'अर्थात् तुलसी से गणेश जी की पूजा कभी न करें। गणेश जी को दूर्वा चढ़ाने की परंपरा है। गणेश जी को दूर्वा बहुत ही प्रिय है। दूर्वा के ऊपरी हिस्से पर तीन या पांच पत्तियां हों तो बहुत ही उत्तम है।
2. भगवान विष्णु-
इन्हें कमल, मौलसिरी, जूही, कदम्ब, केवड़ा, चमेली, अशोक, मालती, वासंती, चंपा, वैजयंती के पुष्प विशेष प्रिय हैं। विष्णु भगवान तुलसी दल चढ़ाने से अति शीघ्र प्रसन्न होते है।
वहीं कार्तिक मास में भगवान नारायण केतकी के फूलों से पूजा करने से विशेष रूप से प्रसन्न होते है ।

3. भगवान शिव-
भगवान शंकर को धतूरे के फूल, हरसिंगार, व नागकेसर के सफेद पुष्प, सूखे कमल गट्टे, कनेर, कुसुम, आक, कुश आदि के फूल चढ़ाने का विधान है। भगवान शिव को केवड़े का पुष्प नहीं चढ़ाया जाता है।
4. सूर्य नारायण-
इनकी उपासना कुटज के पुष्पों से की जाती है। इसके अलावा कनेर, कमल, चंपा, पलाश, आक, अशोक आदि के पुष्प भी इन्हें प्रिय हैं।
भगवान श्रीकृष्ण- अपने प्रिय पुष्पों का उल्लेख महाभारत में युधिष्ठिर से करते हुए श्रीकृष्ण कहते हैं- मुझे कुमुद, करवरी, चणक, मालती, पलाश व वनमाला के फूल प्रिय हैं।
5. भगवती गौरी-
शंकर भगवान को चढ़ने वाले पुष्प मां भगवती को भी प्रिय हैं। इसके अलावा बेला, सफेद कमल, पलाश, चंपा के फूल भी चढ़ाए जा सकते हैं।
6. लक्ष्मीजी-
मां लक्ष्मी का सबसे अधिक प्रिय पुष्प कमल है। उन्हें पीला फूल चढ़ाकर भी प्रसन्न किया जा सकता है। इन्हें लाल गुलाब का फूल भी काफी प्रिय है।
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