Breaking News

05 दिन बाद है निर्जला एकादशी, जानें इस एकादशी के नियम

गंगा दशहरा के बाद होने वाली एकादशी...
हिन्दू धर्म में एकादशी को सबसे महत्वपूर्ण बताया जाता है। वहीं ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं, जो गंगा दशहरा के बाद होने वाली एकादशी है। इस बार यह मंगलवार यानि 02 जून 2020 को मनाई जाएगी। इसे सबसे महत्वपूर्ण एकादशी माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं।
माना जाता है कि साल भर की सभी एकादशियों का फल केवल एक दिन के इस एकादशी व्रत को करने से मिलता है। ऐसी भी मान्यता है कि इसे महाभारत काल में पांडु पुत्र भीम ने किया था। इसलिए इसे भीम एकादशी भी कहते हैं।

निर्जला एकादशी 2020 व्रत कब है : Nirjala Ekadashi 2020 Kab Hai
निर्जला व्रत इस साल 2 जून को पड़ रही है। इस व्रत को हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है। हिन्‍दू पंचांग के अनुसार एक साल में कुल 24 एकादशियां पड़ती हैं, जबकि अधिकमास होने पर इनकी संख्या 26 तक पहुंच जाती है। सभी एकादशियों में भगवान विष्‍णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है लेकिन निर्जला एकादशी करने से सभी एकादशियों का फल साधक को मिलता है।
निर्जला एकादशी की पूजा विधि - Puja Vidhi Of Nirjala Ekadashi
1. व्रत के दिन तड़के उठकर स्नान करें
2. स्नान के बाद भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प करें।
3. भगवान विष्णु को पीला रंग प्रिय है। ऐसे में उन्हें पीले फल, पीले फूल, पीले पकवान आदि का भोग लगाएं।
4. दीप जलाएं और आरती करें।
5. आप इस दौरान- 'ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का भी जाप करें।
6. किसी गौशाला में धन या फिर प्याऊ में मटकी आदि या पानी का दान करें।
7. शाम को तुलसी के पास दीपक जलाएं और उनकी भी पूजा करें।
8. व्रत के बाद अगले दिन सुबह उठकर और स्नान करने के बाद एक बार फिर भगवान विष्णु की पूजा करें।
9. साथ ही गरीब, जरूरतमंद या फिर ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
10. इसके बाद ही खुद भोजन ग्रहण करें।
निर्जला एकदशी का महत्‍व - Importance Of Nirjala Ekadashi
साल में पड़ने वाली सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी का सबसे अधिक महत्व है। इसे पवित्र एकादशी माना जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से सालभर की समस्त एकादशियों के व्रत का फल मिल जाता है, इस वजह से इस एकादशी का व्रत बहुत महत्व रखता है।
निर्जला एकादशी व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
निर्जला एकादशी व्रत करने वालों को साफ-सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए आपको एक दिन पहले से ही तैयारी शुरू करनी चाहिए। एक दिन पहले से ही आप सात्विक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का भी पालन अनिवार्य रूप से करें।
ये भी पढ़े :-
  • आपके हथेली की इन रेखाओ में छिपा है आपके जीवन का रहस्य, जानिए और खुद समझिये
  • महिलाओं के इन अंगो की बनावट और उन पर बने निशान लाते हैं सौभाग्य, जानिए
  • अब पैसे रखने के लिए खरीद लो तिजोरी क्योंकि इन 3 रशिवालो की बदलने वाली है किस्मत.
  • ये बीज बदल कर रख देता किस्मत, कंगालों को भी बनाता करोड़पति, खोजने निकल जाइए अभी
  • close