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लॉकडाउन में हुई तंगी, खाने के लिए नही खाना, 8 माह के बच्चे सहित 3 मासूम बच्चों को नदी फेंका, फिर फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या

जानकारी के अनुसार एसईसीएल में काम करने वाला ग्राम बर्रा निवासी 30 साल का युवक कार्तिकेश्वर राठिया 15 अगस्त को अपने रिश्तेदार के यहां दशकर्म में एडू आया था। रिश्तेदार ने बताया कि कार्तिकेश्वर राठिया 15 अगस्त की रात नहीं सोया और इधर उधर घूम कर रात काट दी। रविवार सुबह अपने बच्चों, रामसागर (8) खिऱसागर (5) नर्मदा (३) एवं 8 माह के अबोध अमन राठिया को लेकर खरसिया थाना क्षेत्र के एडू चौक से आगे स्थित मांड नदी के पुल पर पहुंचा और तीन बच्चों को उफनती हुई नदी में एक-एक कर के फेंक दिया। एक बच्चा रामसागर वहां से भाग निकला।

देर शाम तक बच्चों का तो पता नहीं चला लेकिन पुल से करीब 200 मीटर दूर स्थित एक मंदिर के किनारे कार्तिकेश्वर का शव फंदे पर लटकते मिला। बताया जाता है कि नदी में छलांग मारने के बाद जब वह बहकर किनारे आ गया तो फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शनिवार को बिलासपुर साईं नगर उसलापुर निवासी पंकज पिता सुखदेव गढ़ेवाल ( 33) विद्युत विभाग में ठेकेदार ने अपने पांच वर्षीय पुत्र आदर्श के साथ फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जांच अधिकारी व एएसआई ओम प्रकाश ने बताया कि मृतक पंकज लॉक डॉउन के बाद से बेरोजगार हो गया था। वह डिप्रेशन में चला गया था। वह लगातार परिजनों को बेटे के साथ फांसी लगाने की बात कहता था।

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