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कोई समय में दो वक्त की रोटी के लिए तड़पता था ये लड़का किया कुछ ऐसा कि अब कमाता है लाखों रुपए, जानिए इसके पीछे की वजह

गरीबी काफी थी, फिर भी कार्तिकेय के पिता अपना पेट काटकर भी उनको और उनके भाई-बहनों को पढ़ाने में कोई कसर नहीं रखा। दो वक्त का खाना भी मुश्किल से होता था नसीबः कार्तिकेय के घर में इतनी गरीबी थी कि मुश्किल से ही दो वक्त का खाना बन पाता था। कभी रोटी बनती तो सब्जी नहीं। और कभी सिर्फ चावल से ही काम चलाना पड़ता।

कभी अगर घर में दाल,चावल, सब्जी बन जाता तो कार्तिकेय उसे पार्टी कहते थे। भाई की वजह से एक्टिंग में जागी रुचिः कार्तिकेय अपने छोटे भाई अभिषेक के साथ स्कूल जाया करते थे लेकिन पढ़ाई में उनका मन जरा भी नहीं लगता था। वो अपना सारा दिन बस्ती में बच्चों के साथ खेल कर बिताया करते थे। भाई ने ही कार्तिकेय को एक्टिंग सीखने के लिए कही।

इसी के चलते उन्होंने सरकार से सहायता प्राप्त एक्टिंग स्कूल (किलकारी) में दाखिला लिया जहां एक्टिंग सिखाई जाती थी। दोनों ने काफी समय तक वह एक्टिंग की बारीकियां सीखीं। बेस्ट ड्रामेबाज ने बदली किस्मतः साल 2013 में कार्तिकेय की किस्मत ने करवट ली। इसी साल जीटीवी के चर्चित कॉमेडी शो 'बेस्ट-ड्रामेबाज' में चयन हुआ।

शो में कार्तिकेय के चयन से उनका परिवार काफी खुश हुआ। यह परिवार के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि थी। इसके बाद शो की टीम ने कार्तिकेय और उनके साथ चयनित और बच्चों को कोलकाता लेकर गयी। होटल में मिला खाना बचाकर घर लाते थे कार्तिकेयः कार्तिकेय जब कोलकाता गए तो उनको एक बड़े होटल के एसी रूम में ठहराया गया था।

होटल में मिलने वाले खाने को वो आधा खा कर बाकी बचा लिया करते थे। फिर उसे घर लेकर गए। उसे अपनी मां को देते हुए ये कहा कि, उन्होंने कभी बड़े होटल का खाना नहीं खाया इसलिए उसने वो खाना चुरा कर लाए हैं। खजूर के किरदार से मिली लोकप्रियताः 'बेस्ट-ड्रामेबाज' शो के छठे राउंड में कार्तिकेय पर कपिल शर्मा की नज़र पड़ी।

कपिल कार्तिकेय की एक्टिंग के कायल हो गए थे। उन्होंने शो का ऑफर दिया। कार्तिकेय का ऑडिशन हुआ फिर उन्हें शो का हिस्सा बनने का मौका मिल गया। इसके बाद कार्तिकेय राज 'खजूर' के नाम से सभी के दिलों पर छा गए।

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