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जानकर हैरान रह जायेंगे यह काम करने के लिए महात्मा गांधी ने पांच -पांच रुपये में बेंची थी यह चीज

 गांधीजी ने पांच-पांच रुपये लेकर ऑटोग्राफ दिया था और इससे एकत्र राशि पीड़ितों की मदद के लिए सौंप दी थी. भागलपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.एस. राय ने अपने सरकारी आवास को दिखाते हुए कहा कि यह जो सरकारी आवास है, वह प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी तथा ब्रिटेन से बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त करनेवाले दीप नारायण सिंह की निजी संपत्ति रही है, जो उनकी इच्छानुसार जिला न्यायाधीश का आवास बना.

उन्होंने बताया, "विशिष्ट वास्तुकला व बनावट के कारण यह भवन बिहार में अनूठा है और यहां महात्मा गांधी भी ठहर चुके हैं. इस भवन के शिल्प-सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्ता के कारण इसे 'हेरिटेज बिल्डिंग' की सूची में शामिल करने के लिए सरकार से पत्राचार भी किया है."


गांधी भागलपुर में सबसे पहले एक छात्र सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे थे. 15 अक्टूबर, 1917 को भागलपुर के कटहलबाड़ी क्षेत्र में बिहारी छात्रों का एक सम्मेलन आयोजित किया गया था. देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के निर्देश पर बिहारी छात्रों के संगठन का काम लालूचक के रहने वाले कृष्ण मिश्र को सौंपा गया था. बिहारी छात्रों के सम्मेलन की अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी.

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