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कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी के बीच बढ़ा सीजनल बीमारियों का खतरा, खुद को सुरक्षित रखने के लिए करे ऐसा भोजन.....

बता दें कि आयुर्वेद में गुणों के आधार पर भोजन को तीन अलग-अलग वर्गों में बांटा गया है। इन्हें सत-तम और रज गुण के आधार पर विभाजित किया गया है। इस तरह का भोजन जो मन को शांत रखे वह सात्विक भोजन की श्रेणी में आता है।
 ऐसा भोजन जो ज्यादा मात्रा में खाने के बाद शरीर से अप्रिय गंध आती है और जिससे विकृतियों को बढ़ावा मिलता है, उसे तामसिक भोजन कहा गया है। ऐसा भोजन जिसको खाने से इच्छाओं की वृद्धि होती है, उसे राजसिक भोजन की श्रेणी में रखा गया है।
मशरूम, प्याज, लहसुन, मीट और मदिरा जैसे पदार्थ तामसिक भोजन की श्रेणी में आते हैं। स्वाद, गंध और शरीर पर प्रभाव के चलते ऐसा है। यहां आपको मीट और मदिरा के सेवन की सलाह नहीं दी जा रही है। यहां लहसुन, मशरूम और प्याज की बात की जा रही है। क्योंकि इस महामारी के बीच में स्वास्थ्य विशेषज्ञ मीट-मदिरा से दूर रहने की पहले ही सलाह दे चुके हैं। कोरोना सकंट के दौरान मीट और मदिरा का शरीर पर बुरा असर हो सकता है। मदिरा के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है।

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