Breaking News

हनुमान के एनकाउंटर पर उठे सवाल, पुलिस की कहानी में झोल ही झोल, शूटर हनुमान की गाड़ी पेड़ से भिड़ी, लेकिन डेंट तक नहीं आया

उत्तर प्रदेश पुलिस बढ़ते अपराधों को लेकर न सिर्फ कठघरे में बल्कि एनकाउंटर को भी लेकर सवालों के घेरे में है। भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपी इनामी बदमाश राकेश पांडेय उर्फ हनुमान के एनकाउंटर पर भी सवाल उठने लगे हैं। राकेश पांडेय, मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी का बेहद करीबी बताया जाता है। कहा जाता है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद राकेश पांडेय इन दिनों मुख्तार अंसारी गैंग का सबसे बड़ा शूटर बन गया था।

राकेश पांडेय के एनकाउंटर पर उसके आर्मी से सेवानिवृत्त बालदत्त पांडेय ने यूपी एसटीएफ पर सवाल खड़े किए है। उन्होंने बताया कि राकेश की मां बीमार चल रही हैं। लखनऊ के पीजीआई में उनका इलाज में चल रहा था। अस्पताल से उन्हें दो दिन पहले डिस्चार्ज किया गया। राकेश अपनी मां की देखभाल के लिए लखनऊ में ठहरा था। रविवार रात करीब 3 बजे एसटीएफ की टीम घर पहुंची और उसे लेकर चली गई। उन्होंने कहा कि राकेश पर दर्ज सभी आपराधिक मुकदमे खत्म हो चुके हैं। वह कई वर्षों से आपराधिक गतिविधियों से दूरी बना ली थी। उस पर कोई इनाम घोषित होने की सूचना नहीं थी। साजिश के तहत अचानक 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर उसकी हत्या कर दी गई। एसटीएफ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए बलदत्त ने कहा कि निजी दुश्मनी साधने के लिए एनकाउंटर दिखाकर मेरे बेटे की हत्या की गई है।
पुलिस की थ्योरी और घटना स्थल का नजारा भी मेल नहीं खा रहा है। लखनऊ में जिस जगह मुठभेड़ हुई, वहां मौके के हालात भी एसटीएफ की कहानी से मेल नहीं खा रहे। एसटीएफ दावा कर रही है कि उसने इनोवा गाड़ी का पीछा किया। भागते वक्त इनोवा पेड़ से टकरा गई और इसके बाद बदमाशों ने उतरकर एसटीएफ की टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जबकि जिस इनोवा के पेड़ से टकराई की बात हो रही है उसमें पेड़ से टकराने के बाद भी डेंट तक नहीं आया। इनोवा गाड़ी की नंबर प्लेट आगे और पीछे दोनों एक ही जगह से टूटी है। जो एसटीएफ की कहानी को संदिग्ध बनाती है।

बेरोजगार नौकरी से परेशान हो तो सरकार ने आपके लिए 45000 से अधिक पदों पर निकाली भर्ती, 8th/10th पास करे आवेदन, यहाँ क्लिक करें
close