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मक्कर अफसरों पर चला योगी सरकार का हंटर, अब तक 15 IPS सस्पेंड, देखें सबके नाम और आरोपों की लिस्ट

सीएम योगी ने प्रदेश सरकार की कमान संभालते ही सबसे पहले अनुशासनहीनता के चलते आईपीएस अधिकारियों हिमांशु कुमार को 19 मार्च 2017 को निलंबित कर दिया था। कुमार ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर यादवों के तबादले का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर ट्वीट किया था। इसी के चलते यह कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त 24 मई, 2017 को सुभाष चंद्र दुबे को सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा को न रोक पाने के चलचे निलंबित किया गया था।



उसके उपरांत एक ही दिन 16 जुलाई 2018 को दो पुलिस कप्तानों को निलंबित किया गया था। संभल के एसपी रहे आरएम भारद्वाज व प्रतापगढ़ के एसपी रहे संतोश कुमार सिंह को जिलों में बिगड़ी कानून व्यवस्था के चलते सस्पेंड कर दिया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी निर्देश दिए थे। उसी वर्ष 15 अगस्त को देवरिया शेल्टर होम में यौन उत्पीड़न और शोषण के मामले एसपी रोहन पी कनय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

बीते वर्ष की शुरुआत भी सीएम योगी ने कार्रवाई के साथ की। 19 फरवरी को उन्होंने एडीजी रूल्स एंड मैनुअल जसवीर सिंह को अनुशासनहीनता के चलते सस्पेंड कर दिया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सीएम ने 4 अप्रैल 2019 को बाराबांकी के एसपी सतीश कुमार को 65 लाख रुपए की वसूली के आरोप में निलंबित कर दिया था। इसी के साथ ही 3 अगस्त को बुलंदशहर के एसपी रहे एन कोलंची को थानों के इंचार्ज के तबादले व पोस्टिंग में कथित घोर अनियमितताओं के आरोप में सस्पेंड किया था। 20 अगस्त को ही कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए प्रयागराज से एसएसपी अतुल शर्मा को निलंबित कर दिया गया था।

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