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17 अक्टूबर को पहले नवरात्रि से घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा, 700 साल बाद बन रहे है ऐसे संयोग, बनेंगे सभी कम...

इस बार शारदीय नवरात्र 17 अक्टूबर से प्रारंभ होने जा रहा हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं, जो एक शुभ संकेत हैं। इससे इंसान के जीवन में खुशहाली आ सकती हैं और उनके संकट दूर हो सकते हैं।

शास्त्रों के मुताबिक इस साल नवरात्रि पर राजयोग, द्विपुष्कर योग, सिद्धियोग, सर्वार्थसिद्धि योग, सिद्धियोग और अमृत योग जैसे संयोगों का निर्माण हो रहा है। इसलिए नवरात्री में पूजा पाठ जरूर करें। इसका फल आपको तुरंत प्राप्त होगा और जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी।

नवरात्रि के नौ दिन किसकी करें पूजा।

शैलपुत्री: नवरात्र पूजन के प्रथम दिन कलश पूजा के साथ ही मां दुर्गा के पहले स्वरूप 'शैलपुत्री जी' का पूजन किया जाता है।
ब्रह्मचारिणी: आपको बता दें की मां दुर्गा की नवशक्तियों का दूसरा स्वरुप ब्रह्मचारिणी का है। दूसरे दिन इनकी पूजा करें।

चंद्रघंटा: नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की उपासना की जाती है।

कूष्माण्डा: नवरात्र के चौथे दिन कूष्माण्डा की पूजा की जाती हैं।

स्कंदमाता : नवरात्रि के पांचवे दिन स्कंदमाता की पूजा करें।

कात्यायनी: नवरात्रि के छठे दिन कात्यायनी की पूजा की जाती हैं।

कालरात्रि: नवरात्रि के सातवें दिन कालरात्रि की पूजा करें।

महागौरी: नवरात्रि के आठवें दिन मां अन्नपूर्णा यानि महागौरी की पूजा की जाती है।

सिद्धिदात्री: नवरात्रि के नौवे दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा आराधना की जाती हैं।

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