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दाद खाज खुजली से है परेशान तो आजमाएं खुजली का सफाया करने वाले ये 3 चमत्कारी घरेलु नुस्खे


दाद या दद्रु कुछ विशेष जाति का फफूँदों के कारण उत्पन्न त्वचाप्रदाह है। ये फफूंदें माइक्रोस्पोरोन ट्राकॉफाइटॉन एपिडर्मोफाइटॉन या टीनिया जाति की होती है। दद्रु रोग कई रूपों में शरीर के अंगों पर आक्रमण करता है। खोपड़ी का दद्रु फफूंद द्वारा केश की जड़ में आक्रमण के कारण होता है। यह बालों और नववयस्कों में अधिक होता है।

खोपड़ी पर गोल चकत्तियों में गंगाजल हो जाता है। केश जड़ के पास से टूट जाते हैं। सूक्ष्मदर्शी से देखने पर केश के चारों ओर फफूंद जीवाणु का जाला सा दिखाई पड़ता है। इसकी चिकित्सा कठिन है। एक्स-किरणों से चिकित्सा की जाती है।

दाद, खाज, खुजली एक गंभीर चर्म रोग है। यदि समय से इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह त्वचा पर अपनी जड़ें जमा लेता है। त्वचा पर दाद हो जाये तो कई बार इसके साथ फुंसियां भी हो जाती है और उनमें पस भरने लगती है।

सर्दी गर्मी के कारण, खून की खराबी, शरीर के अंगों के अच्छे से सफाई न करने से होती है। दाद खाज ट्रीटमेंट के लिए कई प्रकार की एंटी फंगल क्रीम और दवाएं भी आती है। इसके इलावा आप घर पर कुछ देसी नुस्खे और घरेलू उपचार करके इससे छुटकारा पा सकते हैं।

1.तिल्ली के तेल में तुलसी का रस मिलाकर लगाने से कुछ ही दिनों में खुजली दूर हो जाती है।
2.नीम के पत्ती को दही के साथ पीसकर दाद खाज पर लगाने से वह जड़ से चले जाते है।
3.खारिश बार बार हो तो देसी घी को गुनगुना करे और उससे हल्के हाथों से प्रभावित जगह पर मसाज करे।

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