Breaking News

पीएम मोदी के 5 महत्वपूर्ण फैसले जिन्होंने देश की दिशा ही बदल दी, तीन हो चुके है लागू, नंबर दो पर आज भी हो रहा है विरोध...

1. कश्मीर के लिए बने आर्टिकल 370 में संशोधन :-आर्टिकल 370 से आजादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे में सबसे ऊपर रहा था. 2014 में भी जब मोदी सरकार बनी तो उसकी प्राथमिकता में ये काम था, लेकिन पूरा नहीं हो पाया. मई 2019 में जब नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री बने तो उसके कुछ ही महीने बाद कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म कर दिया गया. नरेंद्र मोदी का ये फैसला सबसे ऐतिहासिक फैसला था. इस फैसले के साथ ही कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया. इतना ही नहीं, ये मोदी सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति ही थी कि उसने जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेश में बांट दिया.


2. मोदी सरकार का नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी :-दूसरे कार्यकाल के पहले सात महीने में ही मोदी सरकार ने फिर से बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया. ये फैसला था नागरिकता संशोधन कानून को पास करवाने का. नागरिकता संशोधन कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता का अधिकार मिल गया. यानी इन देशों के हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई जो सालों से शरणार्थी की जिंदगी जीने को मजबूर थे. उन्हें भारत की नागरिकता प्राप्त करने का अधिकार मिल गया.

3. अयोध्या विवाद का अंत :-देश के सबसे बड़े कानूनी विवाद यानी अयोध्या विवाद का हल भी मोदी सरकार के समय में हो गया. सालों से कोर्ट की कार्रवाई में उलझे भगवान राम को सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिला और 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने अयोध्या में रामजन्मभूमि को ही राम का जन्म का स्थान माना.

4. तीन तलाक का खेल खत्म :-प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की काली प्रथा से आजादी दिलाई. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने तीन तलाक कानून को संसद से पास करके मुस्लिम महिलाओं को बड़ी सौगात दी. कहा जाता है कि इस कानून को पास कराने के लिए पीएम मोदी ने हर संभव कोशिश की और देश मे ऐसा माहौल बनाया कि इस कानून को पास कराने में कोई दिक्कत ना हो.

5. गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान :-देश की आरक्षण व्यवस्था में छेड़छाड़ करना प्रधानमंत्री के लिए आसान काम नहीं होता है. इतिहास गवाह है कि जब जब आरक्षण से छेड़छाड़ की कोशिश हुई, सरकार की कुर्सी डगमगा गयी. बावजूद इसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब सवर्णों को आरक्षण देने की ठानी और केंद्र सरकार ने इसे कानूनी अमलीजामा पहनाया. लोकसभा और राज्यसभा से गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का कानूनी अधिकार प्रदान किया. अब नौकरियों से लेकर शिक्षण संस्थानों में एडमिशन तक के लिए गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो गया है.

बेरोजगार नौकरी से परेशान हो तो सरकार ने आपके लिए 45000 से अधिक पदों पर निकाली भर्ती, 8th/10th पास करे आवेदन, यहाँ क्लिक करें
close