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8 नौकरियां बदलने के बाद इस बेटी को आया एक शानदार आइडिया, एक कमरे से शुरू किया काम और बन गई करोड़पति



image source :- social media

उत्तराखंड राज्य के देहरादून में रहने वाली दिव्या रावत की कहानी कुछ ऐसी है, कि वह आज हजारों लड़के लड़कियां और ऐसे युवाओ को जो अपनी किस्मत और, नौकरी के भरोसे बैठे रहते हैं। उन्हें एक प्ररेणक की भूमिका में प्रेरणा देती हुई नजर आती हैं। सफलता पाने के लिए मेहनत करनी चाहिए न कि किस्मत के भरोसे बैठे रहना चाहिए। मशरूम गर्ल दिव्या मूल रूप से देहरादून की रहने वाली है स्कूल की पढ़ाई करने के बाद कोलेज की स्टडी के लिए दिल्ली गयी जहां उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ सोशल वर्क की पढ़ाई की इसके बाद वह वहां की ही एक शक्ति वाहिनी नाम की एनजीओ में जॉब करने लगे लेकिन वहाँ भी उनका मन नहीं लगा तो वह यदि एक प्राइवेट कम्पनी में पच्चीस हजार रुपये महीना की नौकरी करने लगीं ,पर वहाँ भी उनका मन नहीं लगा ।

इस तरह काम करते करते दिव्या ने कम से कम 7-8 नौकरियां बदली लेकिन कहीं भी उनका मन नहीं लगा | फिर साल 2013 मैं नौकरी को छोड़कर कुछ अलग करने की ठानी और अपने शहर देहरादून लौट आये जब दिव्या अपने प्रदेश लौटी तो यहां उन्होंने आसपास के युवा लड़के लड़कियों को सिर्फ 7-8 हजार की नौकरियों के लिए पलायन कर रहे हैं यह देखते ही दिव्या के मन में कई सवाल पैदा हुए और उन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए वह कई दिनों तक गांव के गांव दौरा करने लगी और वहां के इलाकों में रही वह यही सोचती कि ऐसा क्या किया जाये जिससे कि गांव के युवा गांव से पलायन न करें और इस तरह से सोचकर उन्होंने सोचा कि अब उन्हें कृषि के क्षेत्र में हाथ आजमाने की कोशिश करनी चाहिए। साल 2015 से उन्होंने मशरूम की खेती करने की ट्रेनिंग ली और मशरूम उगाने की सफर पर निकल पड़ी शुरुआत में दिव्या ने 3 लाख रुपये के इन्वेस्टमेंट करके मशरूम की खेती करनी शुरू की धीरे धीरे उन को पैसे से ज्यादा लाभ होता गया और उन्होंने अपनी खुद की एक कम्पनी बना दी। जिसको जिसको उन्होंने नाम दिया है सौम्या फ्रूट प्रायवेट कम्पनी फिर वह अपने इस तरह से अपने गांव के अन्य युवाओं को भी काम देने लगी और महज पांच साल के अंदर उत्तराखंड में मशरूम उत्पादन की 55 से ज्यादा यूनिट लगा चुकी है। आज उनकी कम्पनी हर साल करीब 2 करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर करती है।

दोपहिया रावत ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था की मशरूम की खेती हर कोई कर सकता है उसे की फसल केवल दो महीनों में तैयार हो जाती। है। आप 10 बाय 15 या 12 के कमरे से मशरूम की खेती करना शुरू कर सकते हैं। एक कमरे से आप सारे खर्च काटकर पांच से छह हजार का मुनाफा तो कमा ही सकते हो बस आपको इसकी सही ट्रेनिंग मिलनी चाहिए इसके बाद आप खुद एक दिन बड़े बिजनेसमैन बन सकते हैं। आपको जानकारी के लिए बता दे कि दिव्या रावत को अपने इस काम के लिए उत्तराखंड सरकार ने मशरूम की ब्रांड एंबेसडर बना दिया है और उन्हें राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति सम्मान भी प्राप्त हो चुका है। दिव्या आज देश विदेश में मशरूम लेडी के नाम से जानी जाती हैं। इस कामयाबी के बाद देश विदेश के कई लोग आज दिव्या रावत से मिलने और ट्रेनिंग के लिए आते हैं।

सभार सोशल मीडिया

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