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किसानो का हल्लाबोल, भारत बंद में जाम किया रेल का चक्का, कहा- इससे खाद्यान्न की आपूर्ति बुरी तरह होगी प्रभावित



रेलवे ने किसानों के 'रेल रोको' आंदोलन को कोविड-19 महामारी के दौर में देश की अर्थव्यवस्था और रेल फ्रेट के लिए बड़ा धक्का बताया है। रेलवे का कहना है कि इससे जरूरी सामान और खाद्यान्न की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होगी। इतना ही नहीं विशेष रेलगाड़ियों के माध्यम से जरूरी यात्रा करने वाले यात्रियों को भी खासी कठिनाई होगी।

मोदी सरकार के दो कृषि संबंधी विधेयकों के खिलाफ गुरुवार को पंजाब में किसानों ने तीन दिवसीय 'रेल रोको' आंदोलन शुरू कर दिया है। अमृतसर और फिरोजपुर में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ गए हैं। ऐसे में दिल्ली की ओर आने-जाने वाली मालगाड़ियों और विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन प्रभावित हो गया है। फिरोजपुर रेलवे डिवीजन ने आंदोलन के कारण 24 से 26 सितम्बर तक विशेष ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह या आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। कई मालगाड़ियों और पार्सल गाड़ियों का भी समय बदला गया है।

राज्यसभा ने 'कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य  विधेयक, 2020'' तथा 'कृषक कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020'' को 20 सितम्बर को ध्वनि मत से पारित कर दिया। लोकसभा दोनों कृषि विधेयकों को पहले ही पारित कर चुकी है। अब इन विधेयकों को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है।

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