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जेल से रिहाई के बाद कहा- रामायण में राजधर्म का जिक्र, लेकिन यूपी के राजा इसे नहीं निभा रहे, वे बालहठ कर रहे हैं, मुझे फिर फंसा सकते हैं, पुलिस को किया धन्यवाद.....

डॉ. खान पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 13 दिसंबर 2019 को भड़काऊ भाषण देने का आरोप था। यूपी पुलिस ने उन्हें जनवरी में मुंबई से गिरफ्तार किया था। बाद में अलीगढ़ कलेक्टर ने नफरत फैलाने के आरोप में उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की। फरवरी में उन्हें फिर गिरफ्तार कर मथुरा जेल भेज दिया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें रिहा किया गया।

वकील इरफान गाजी ने बताया कि मथुरा जेल प्रशासन ने डॉ. खान को देर रात रिहा किया। जेल से छूटने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट को धन्यवाद दिया और कहा, ''मैं हमेशा अपने सभी शुभचिंतकों का शुक्रगुजार रहूंगा, जिन्होंने मेरी रिहाई के लिए आवाज उठाई। प्रशासन रिहाई के लिए तैयार नहीं था, लेकिन लोगों की प्रार्थना से मुझे रिहा कर दिया गया।'

हाईकोर्ट ने रिहाई के आदेश में कहा, ''भाषण पूरा पढ़ने से घृणा या हिंसा को बढ़ावा देने की किसी भी कोशिश का खुलासा नहीं होता है। यह अलीगढ़ शहर की शांति के लिए भी खतरा नहीं है। यह भाषण किसी भी तरह की हिंसा का विरोध करता है। ऐसा लगता है कि जिला मजिस्ट्रेट ने भाषण के कुछ ही हिस्‍से को पढ़ा है और उसी का उल्लेख किया है। भाषण के वास्तविक इरादे को नजरअंदाज किया है।''


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