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दुनिया का इकलौता दरवाजा जिसे कहा जाता है मौत का दरवाजा, जिसने भी जाने की कोशिश उसका हुआ बुरा हाल, जानेंगे तो रूह कांप जाएगी

एडोल्फ हिटलर एक जर्मन शासक थे। वे "राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन कामगार पार्टी" (NSDAP) के नेता थे। इस पार्टी को प्राय: "नाजी पार्टी" के नाम से जाना जाता है। सन् 1933 से सन् 1945 तक वह जर्मनी के शासक रहे। हिटलर को द्वितीय विश्वयुद्ध के लिये सर्वाधिक जिम्मेदार माना जाता है।

अगर आपने इतिहास पढ़ा होगा तो हिटलर को जरूर जानते होंगे। वहीं हिटलर जो जर्मनी का एक खूंखार तानाशाह था और यहूदियों का कट्टर दुश्मन। कहते हैं कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलैंड में हिटलर की नाजी सेना के बनाए यातना शिविरों में करीब 10 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई, जिसमें ज्यादातर यहूदी थे।
नाजियों का ये यातना शिविर पोलैंड में है, जिसे 'ऑस्त्विज कैंप' के नाम से जाना जाता है। 

ऑस्त्विज कैंप के बाहर ही एक बड़ा सा लोहे का दरवाजा है, जिसे 'गेट ऑफ डेथ' यानी 'मौत का दरवाजा' कहा जाता है। कहते हैं कि बड़ी संख्या में यहूदी लोगों को रेलगाड़ियों में भेड़-बकरियों की तरह लाद कर उसी दरवाजे से यातना शिविरों में ले जाया जाता था और उसके बाद उन्हें ऐसी-ऐसी यातनाएं दी जाती थीं, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।

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