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अगर आपके उपर भी बढ़ता जा रहा है कर्ज, तो इन रत्नों को धारण करने से कई रोगों से मिलती है मुक्ति, जानें किस रत्न से क्या होता है लाभ

जुकाम, खांसी, मानसिक रोग, नींद न आना, रक्त विकार, तपेदिक, मुख रोग, बेचैनी, घबराहट, श्वास संबंधी रोग, बच्चों के रोग आदि से मुक्ति के लिए चन्द्र ग्रह से सम्बंधित रत्न मोती या इसका उपरत्न सफेद पुखराज या चंद्रकांत मणि को धारण करना चाहिए। त्वचा रोग, ब्लड प्रेशर, कमजोरी, कोढ़, शरीर में जलन, पित्त विकार, रक्तार्श, दुर्घटना आदि से बचने के लिए मंगल ग्रह से सम्बंधित रत्न मूंगा या इसका उपरत्न तामडा धारण करना लाभकारी होता है।

त्वचा रोग, मानसिक विकार, नेत्र रोग, तुतलाहट, किसी तरह की सनक, सांस नली के रोग, मिर्गी, नाक और गले के रोग आदि से बचाव के लिए बुध ग्रह से सम्बंधित रत्न पन्ना या इसका उपरत्न हरा जिरकॉन, हरा हकीक या फिरोजा धारण करना फायदेमंद होता है। याददाश्त का कमजोर होना, गुल्म रोग, मोटापा, पेट के रोग, आंत्र रोग, कर्ण रोग, कफ जनित रोग, शरीर में सूजन, बेहोशी आना आदि से बचने के लिए गुरु अर्थात बृहस्पति ग्रह से सम्बंधित रत्न पुखराज या इसका उपरत्न सफेद जिरकोन, सुनेला या पीला मोती धारण करने से लाभ मिलता है।

मधुमेह, पीलिया, अतिसार, एड्स, महिलाओं के रोग, पुरुषों के गुप्त रोग, मूत्र विकार, नेत्र रोग, नपुंसकता, शारीरिक कमजोरी आदि से छुटकारा पाने के लिए शुक्र ग्रह से सम्बंधित रत्न हीरा या इसका उपरत्न श्वेत जिरकोन धारण करना लाभकारी माना गया है। पथरी, गठिया, अस्थि एवं जोड़ों के विकार, वात जनित रोग, कैंसर, बवासीर, स्नायु जनित रोग, पोलियो, शारीरिक और मानसिक थकान, पेरालायसिस आदि से बचने के लिए शनि ग्रह से सम्बंधित रत्न नीलम या इसका उपरत्न नीला जिरकॉन या नीला कटेला धारण करना फायदेमंद होता है।

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