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भारत की ताकत से ड्रैगन में हड़कंप, लद्दाख के पास तैनात किए सबसे ताकतवर विमान

चीन ने भारत से कुछ ही दूरी पर स्थित सैन्‍य ठिकाने पर DF-26 मिसाइलों को भी तैनात किया है. चीन ने लद्दाख से सटे अपने काशी एयरबेस पर जे 11, जेएच7 और ड्रोन विमानों को तैनात कर रखा है. वहीं होटान एयरबेस पर चीन ने जे11, जे 7, अवाक्‍स और ड्रोन विमानों को तैनात किया है. नागरी बेस पर चीन के जे11 और ड्रोन विमान तैनात हैं. इसके अलावा चीन तशकुर्गान और केरिया में दो और एयरबेस बना रहा है. 

इसी तरह से चीन भारत के पूर्वोत्‍तर से सटे अपने इलाके में स्थित हवाई ठिकानों को न केवल लगातार अपग्रेड कर रहा है, बल्कि नए एयरबेस भी बनाने में लगा हुआ है. चीन ने सिक्कित और अरुणाचल की सीमा के पास स्थित श‍िगत्‍से हवाई अड्डे पर एच 7 बमवर्षक विमान और जे 11/10, अवाक्‍स और ड्रोन विमान तैनात किए हैं. इसी तरह से गोनग्‍गर और गोलमुड हवाई ठिकानों पर लड़ाकू विमान तैनात कर रखे हैं.

भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ (रिटायर्ड) के मुताबिक, राफेल से चाइनीज जे- 20 का मुकाबला तो दूर, वह राफेल की खूबियों के सामने इतना बौना है कि दोनों की तुलना करना ही बेमानी है. पूर्व एयर चीफ का कहना है कि राफेल फाइटर जेट्स, चीन के जे- 20 विमानों से बहुत ज्यादा आला दर्जे के हैं. उन्होंने राफेल की खूबियां गिनाते हुए कहा कि यह इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर टेक्नॉलजी के लिहाज से दुनिया में सर्वोत्तम है, इसमें Meteor मिसाइल लगे हैं जो रेडार से गाइड होते हैं और जे बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर टु एयर मिसाइल (BVRAAM) हैं.

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