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बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज, पिता हुए खत्म तो ऐन वक्त पर इस बात को लेकर खुसर-फुसर होने लगी कि बेटे नहीं है तो मृतक की अर्थी को कंधा कौन देगा, तो बेटियों ने कहा, हम ही निभाएंगे बेटे का फर्ज

पिता की मौत पर बेटियों ने अर्थी को कंधा देकर साबित कर दिया कि परिवार में उनकी अहमियत किसी बेटे से कम नहीं है। मामला बिहार स्थित बनकटा थाना इलाके के जिरवनियां गांव का है। यहां हरेंद्र शर्मा की मौत पर उनकी बेटियों ने न केवल शव को कंधा देकर श्मशान तक पहुंचाया बल्कि उनका अंतिम संस्कार भी कराया।


जिरवनिया गांव के निवासी हरेंद्र शर्मा की 6 बेटियां हैं। उनका कोई बेटा नहीं है। उनकी तीन बेटियों की शादी हो चुकी है जबकि तीन बेटियां अविवाहित हैं। शर्मा ने बेटियों का न केवल बेटों की तरह लाड-प्यार से पालन किया बल्कि अच्छी शिक्षा भी दिलाई। शर्मा का दिल्ली में इलाज चल रहा था। इस बीच शनिवार को उनकी मौत हो गई। शव रविवार को गांव पहुंचा और दाह संस्कार की तैयारी शुरू हो गई।

ऐन वक्त पर इस बात को लेकर खुसर-फुसर होने लगी कि बेटे नहीं है तो मृतक की अर्थी को कंधा कौन देगा? यह बात सुनते ही शर्मा की बेटियां आगे आईं और कहा कि पुत्र नहीं है तो क्या, हम पिता की अर्थी को कंधा देकर बेटे का फर्ज निभाएंगे।

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