Breaking News

शादी में अग्नि के ही चारों तरफ फेरे क्यों लिए जाते हैं, वजह जानकर रह जाओगे दंग

पुरोहित ईश्वर को साक्षी मानकर वर-वधू का विवाह संपन्न करवाते हैं। लेकिन विवाह तब तक संपन्न नहीं माना जाता है जब तक कि वर-वधू अग्नि के सामने सात फेरे लेकर सात वचन निभाने का वाद न कर लें। क्या आपको पता है, विवाह के समय अग्नि के ही चारों ओर फेरे क्यों लगाए जाए जाते हैं। नही तो हम आपको बताते है..



1. अग्नि को वेदों और शास्त्रों में प्रमुख देवता के रुप में स्थान मिला है। अग्नि को विष्णु का स्वरुप माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि अग्नि में सभी देवताओं की आत्मा बसती है, इसलिए अग्नि में हवन करने से हवन में डाली गई सामग्रियों का अंश सभी देवताओं तक पहुंच जाता है।

2. अग्नि के चारों तरह फेरे लगाकर सात वचन लेने से यह माना जाता है कि वर-वधू ने सभी देवताओं को साक्षी मानकर एक दूसरे को अपना जीवनसाथी स्वीकार किया है और विवाह की जिम्मेरियों को निभाने का वचन लिया है।

3. अग्नि के सामने फेरे लेना का तीसरा कारण यह भी है कि अग्नि को अशुद्घियों को दूर करके पवित्र करने वाला माना गया है। अग्नि के फेरे लेने से यह माना जाता है कि वर-वधू ने सभी प्रकार की अशुद्घियों को दूर करके शुद्घ भाव से एक दूसरे को स्वीकार किया है।

4. अग्नि के सामने सात वचन के सात फेरे लेने का तीसरा कारण यह है कि वर वधू ने अग्नि में मौजूद देवताओं को उपस्थित मानकर एक दूसरे को

बेरोजगार नौकरी से परेशान हो तो सरकार ने आपके लिए 45000 से अधिक पदों पर निकाली भर्ती, 8th/10th पास करे आवेदन, यहाँ क्लिक करें
close