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चीन के बनाये नियम कानून चीन के खिलाफ ही पड़ रहे है भारी, ड्रैनग का ये फैसला उस पर पड़ा भारी, चीनी शासन के खिलाफ सुलग उठा इनर मंगोलिया

चाइना के स्वायत्त क्षेत्र इनर मंगोलिया में शी चिनपिंग सरकार ने मंदारिन भाषा को थोपने का फैसला लिया है. चीन ने फरमान सुनाया है कि इनर मंगोलिया में स्कूली बच्चों को मुख्य विषयों को स्थानीय भाषा की बजाय मंदारिन में पढ़ाया जाएगा. उत्तरी चीन के इनर मंगोलिया में क्षेत्रीय सरकार नई नीति को लागू करने पर अड़ गई है तो पुलिस प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपट रही है.

स्वायत्तक्षेत्र की चेयरवूमन बू शाओलिन ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि नई नीति एक 'महत्वपूर्ण राजनीतिक मिशन' है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को इस आदेश को लागून कराने का आदेश देते हुए कि ऐसा करके वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग और कम्युनिस्ट पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी वफादारी दिखाएं. स्थानीय सरकार ने पिछले सप्ताह घोषणा की कि प्राइमरी और सेकेंड्री स्कूलों में अब साहित्य, नीति शास्त्र और इतिहास स्थानीय मंगोलियन भाषा की बजाय मंदारिन में पढ़ाया जाएगा."

लोगों में डर है कि नई नीति से मंगोलियन भाषा धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी और यह उनकी संस्कृति और पहचान को खत्म करने की साजिश है. लोग खुलकर इस नीति का विरोध कर रहे हैं. सड़कों पर और स्कूलों के बाहर अभिभावक एकत्रित होकर आवाज बुलंद कर रहे हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अभिभावक इस बात पर अड़ गए हैं कि जब तक नई नीति को वापस नहीं लिया जाता है वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे.


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