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राशन कार्ड बनवाने के लिए कुछ राज्यों ने बदले नियम जाने ऑफलाइन और ऑनलाइन करने का तरीका

पिछले छह महीने से मोदी सरकार की अगर किसी योजना की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है तो वह है मुफ्त खाद्यान्न योजना की. कोरोना काल में 81 करोड़ से ज्यादा राशन कार्डधारकों को भारत सरकार ने इस योजना की मदद से राशन पहुंचाई जा रही है. लॉकडाउन  के दौरान को भी आदमी भूखा न सोए इसके लिए मोदी सरकार ने मार्च महीने से ही राशन कार्डधारकों को 5 किलो अनाज (गेहूं, चावल और दाल) मुफ्त दे रही है.



सरकार की यह स्कीम नवंबर तक जारी रहेगी. सरकार की इस योजना में राशन कार्ड (Ration Card) की बड़ी भूमिका है. राशन कार्ड भारत सरकार  की एक मान्यताप्राप्त सरकारी डॉक्यूमेंट (है. राशन कार्ड की सहायता से लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत उचित दर की दुकानों से खाद्यान्न बाजार मूल्य से बेहद कम दाम पर खरीद सकते हैं. आइए जानते हैं कि इस योजना से किन-किन लोगों को फायदा पहुंचता है और राशन कार्ड आप कैसे बना सकते हैं?

राशन कार्ड क्यों आपके लिए जरूरी है

भारत में आम तौर पर तीन प्रकार से राशन कार्ड बनते हैं. गरीबी रेखा के ऊपर रहने वाले लोगों को एपीएल (APL), गरीबी रेखा के नीचे रहने वालों के लिए बीपीएल (BPL) और सबसे गरीब परिवारों के लिए अन्‍त्योदय (Antyodaya). राज्य सरकारें अपने नागरिकों को राशन कार्ड जारी करती हैं, जो एक पहचान पत्र का भी काम करता है. राशन कार्ड बनवाने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होता है. गरीबी रेखा से नीचे या अंत्योदय योजना का राशन कार्ड बनवाने के लिए आपको कुछ दस्तावेज जमा करने होते हैं. भारत सरकार के फूड सिक्योरिटी एक्ट नए राशन कार्ड बनाने के लिए कुछ शर्त बनाए गए हैं.

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