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Covid-19 : दोबारा हो सकता है कोरोना संक्रमण, बचने के लिए बरतें ये सावधानियां


एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर नवल किशोर विक्रम ने बताया कि कोरोना से ठीक होने वाले सभी लोगों के शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडी नहीं मिलते हैं। यह हर व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का शरीर इस तरह से प्रतिक्रिया करता है कि उनके शरीर में ठीक होने के बाद एंटीबॉडी पर्याप्त मात्रा में नहीं बनते या फिर एंटीबॉडी 50 से 60 दिन में ही आधे होने लगते हैं।



एम्स के प्रोफेसर नवल विक्रम का कहना है कि अभी तक एंटीबॉडी बनने यानी शरीर में कोरोना के खिलाफ कब तक लड़ने की क्षमता विकसित हुई है इस पर कई शोध हुए हैं। कुछ शोध के मुताबिक 70 से 90 दिनों तक शरीर में कोरोना से लड़ने वाले एंटीबॉडी बचे हो सकते हैं। उन्होंने एक अन्य शोध के हवाले से कहा कि एंटीबॉडीज 50 से 60 दिनों में आधे हो जाते हैं

-मुंबई एक एक अस्पताल में हुए एक शोध के मुताबिक कोरोना से ठीक हुए 34 लोगों पर हुए शोध में पाया गए कि एंटीबॉडी 45 से 50 दिनों में ही कम होने लगती हैं।
-तीन सप्ताह पहले कोरोना संक्रमित पाए गए 90% लोगों के शरीर में एंटीबॉडीज पायी गयी। वहीं पांच प्ताह पहले संक्रमित पाए गए 38.5 फीसदी लोगों के शरीर में एंटीबॉडीज पायी गयी।

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