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अगर नही दिया खर्च का ब्यौरा तो नही लड़ पाओगे प्रधानी का चुनाव, UP के हजारों प्रधानों के चुनाव लड़ने पर क्यों मंडराया संकट? समझिए नई गाइडलाइन

 इसी साल नवंबर-दिसंबर में त्रिस्तरीय चुनाव होने थे, लेकिन कोरोना काल के कारण इसका फिलहाल टाला जा रहा है। अब ये चुनाव अगले साल अप्रैल-मई माह में होने की संभावना है। इसको लेकर उसी तरह से तैयारियां भी की जा रहीं हैं। इस बार नई गाइड लाइन तैयार की जा रही है।

इस गाइड लाइन के मुताबिक जिन प्रधानों, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्वों द्वारा चुनाव खर्च का ब्यौरा नहीं दिया है। वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसमें वह लोग भी शामिल हैं जो ये चुनाव लड़े तो थे, लेकिन हार गए थे। इन लोगों के चुनाव लड़ने से पहले नामांकन फार्म भरते समय इस बात का उल्लेख करना होगा कि पिछले चुनाव में उन्होंने जो खर्च किया था, उसका ब्यौरा संलग्न करना होगा। अन्यथा की स्थिति में उन्हें डिबार घोषित कर दिया जाएगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व योगेंद्र कुमार ने बताया कि लगभग 90 फीसदी लोगों के चुनावी खर्च का ब्यौरा नहीं दिया है। इन पर चुनाव लड़ने का संकट आ सकता है।

वोट बनवाने को ऑनलाइन कर सकेंगे आवेदन

अपर निर्वाचन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा ने बताया कि पहली अक्तूबर से 12 नवम्बर तक बीएलओ घर-घर जाकर वोटर लिस्ट में शामिल वोटरों की गणना और नए वोटरों का सर्वेक्षण करेंगे। पहली अक्तूबर से 5 नवम्बर के बीच ऑनलाइन आावेदन करके भी वोटर बना जा सकेगा। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट sec.up.nic.in पर ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों की घर-घर जाकर जांच 6 नवम्बर से 12 नवम्बर के बीच की जाएगी।

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